सभी भूदेवो को मेरा प्रणाम
जय परशुराम,
पिछले कुछ समय से ब्राह्मण समाज पर एवं हमारी संस्कृति पर अवैदिक सम्प्रदायों द्वारा किये जा रहे आक्रमणों से मन बहुत व्यथिथ था । मुगलो ने या अन्य किसी ने भारत देश पर जो आक्रमण किया वह देखा जा सकता था क्यों की वह चक्षु ग्राह्य आक्रमण था परन्तु इन अवैदिक सम्प्रदायों द्वारा किया जा रहा आक्रमण देखा नहीं जा सकता क्यों की यह चक्षु ग्राह्य नहीं बल्कि बुद्धि ग्राह्य आक्रमण है। इस आक्रमण को केवल समझ कर इसका जवाब ज्ञान के माध्यम से ही दिया जा सकता है.
यह सभी जानते है की भारत देश तब तक सुरक्षित है जब तक भारत में ब्राह्मण है. अरे!अगर एक भी ब्राह्मण भारत मेंहै तो भारत की और कुदृष्टि करना इन अवैदिक सम्प्रदायों के बस की बात नहीं है. इसीलिए इन्होने कुचक्र चलकर आज ब्राह्मणो को दिग्भ्रमित कर दिया है. हालांकि अभी तक वे अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल नहीं हो सके है। परन्तु यदि वर्तमान में ब्राह्मण समाज की जो स्तिथि है उसे देखते हुवे वह दिन दूर नहीं दीखता जब ये अवैदिक सम्प्रदाय के लोग अपने कुचक्रो में सफल होते दिखेंगे।
ब्राह्मण युवाओ को अब जागने की आवश्यकता है या यु कहे उन्हें जगाने की आवश्यकता है. देखिए यही सबसे कठिन काम है. आप सोते हुवे को जगा सकते है. पर जागते को जगाना !!!!!!!!! बहुत मुश्किल ।।।।
पर फिर भी हमने इस मुश्किल काम को अपने हाथो में लिया है."ब्राह्मणत्व" सामयिक के माध्यम से । "ब्राह्मणत्व सामयिक" ब्राह्मण युवाओ को और उनके परिवारों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित करवाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है । किसी ब्राह्मण परिवार की आवाज को बुलंद करने का एक जरिया है ।
ब्राह्मणत्व सामयिक आपको अपने ब्राह्मण समाज से जुड़े रहने का हेतु प्रेरणा प्रदान करता है । और समाज को जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आप सामयिक के माध्यम से समाज के साथ जुड़े रह सकते है। समाज के विविध कार्यक्रमों की जानकारी पा सकते है. समाज को अपने कार्यक्रम की जानकारी दे सकते है. जन्म दिवस या महत्वपूर्ण दिवस की शुभेच्छा दे सकते है, श्रद्धांजलि दे सकते है. अपने आचार और विचार का आदान प्रदान कर सकते है।
अतः आइए हमसे जुड़िये। सामयिक (पत्रिका) के सदस्य बनिए और अपनी आवाज बुलंद करिये।
हम आपको ब्राह्मणत्व सामयिक परिवार में आने हेतु आमंत्रित करते है। आशा है. आप सभी हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर अवैदिक सम्प्रदायों के आक्रमणों से समाज व् देश की रक्षा करने हेतु अवश्य अग्रेसर होंगे।
भवदीय
आपका
प्रितेश शर्मा
आइए हमसे जुड़िये। सामयिक (पत्रिका) के सदस्य बनिए और अपनी आवाज बुलंद करिये।
जय परशुराम,
पिछले कुछ समय से ब्राह्मण समाज पर एवं हमारी संस्कृति पर अवैदिक सम्प्रदायों द्वारा किये जा रहे आक्रमणों से मन बहुत व्यथिथ था । मुगलो ने या अन्य किसी ने भारत देश पर जो आक्रमण किया वह देखा जा सकता था क्यों की वह चक्षु ग्राह्य आक्रमण था परन्तु इन अवैदिक सम्प्रदायों द्वारा किया जा रहा आक्रमण देखा नहीं जा सकता क्यों की यह चक्षु ग्राह्य नहीं बल्कि बुद्धि ग्राह्य आक्रमण है। इस आक्रमण को केवल समझ कर इसका जवाब ज्ञान के माध्यम से ही दिया जा सकता है.
यह सभी जानते है की भारत देश तब तक सुरक्षित है जब तक भारत में ब्राह्मण है. अरे!अगर एक भी ब्राह्मण भारत मेंहै तो भारत की और कुदृष्टि करना इन अवैदिक सम्प्रदायों के बस की बात नहीं है. इसीलिए इन्होने कुचक्र चलकर आज ब्राह्मणो को दिग्भ्रमित कर दिया है. हालांकि अभी तक वे अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल नहीं हो सके है। परन्तु यदि वर्तमान में ब्राह्मण समाज की जो स्तिथि है उसे देखते हुवे वह दिन दूर नहीं दीखता जब ये अवैदिक सम्प्रदाय के लोग अपने कुचक्रो में सफल होते दिखेंगे।
ब्राह्मण युवाओ को अब जागने की आवश्यकता है या यु कहे उन्हें जगाने की आवश्यकता है. देखिए यही सबसे कठिन काम है. आप सोते हुवे को जगा सकते है. पर जागते को जगाना !!!!!!!!! बहुत मुश्किल ।।।।
पर फिर भी हमने इस मुश्किल काम को अपने हाथो में लिया है."ब्राह्मणत्व" सामयिक के माध्यम से । "ब्राह्मणत्व सामयिक" ब्राह्मण युवाओ को और उनके परिवारों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित करवाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है । किसी ब्राह्मण परिवार की आवाज को बुलंद करने का एक जरिया है ।
ब्राह्मणत्व सामयिक आपको अपने ब्राह्मण समाज से जुड़े रहने का हेतु प्रेरणा प्रदान करता है । और समाज को जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आप सामयिक के माध्यम से समाज के साथ जुड़े रह सकते है। समाज के विविध कार्यक्रमों की जानकारी पा सकते है. समाज को अपने कार्यक्रम की जानकारी दे सकते है. जन्म दिवस या महत्वपूर्ण दिवस की शुभेच्छा दे सकते है, श्रद्धांजलि दे सकते है. अपने आचार और विचार का आदान प्रदान कर सकते है।
अतः आइए हमसे जुड़िये। सामयिक (पत्रिका) के सदस्य बनिए और अपनी आवाज बुलंद करिये।
हम आपको ब्राह्मणत्व सामयिक परिवार में आने हेतु आमंत्रित करते है। आशा है. आप सभी हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर अवैदिक सम्प्रदायों के आक्रमणों से समाज व् देश की रक्षा करने हेतु अवश्य अग्रेसर होंगे।
भवदीय
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